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Review of ILLEGL webseries

आज 12थ मई है आज मैंने एक बहुत ही अच्छी सी वेब सीरीज देखी "इललीगल" वूट पर आप देख सकते है। यह वेब सीरीज ने मेरे मन को छू लिया। इंसान की डार्क साइड को उजागर करती यह वेब सीरीज काफी कुछ कह जाती है।

बेसिकली यह स्टोरी लॉ और जस्टिस पर आधारित है। कोर्ट रूम में आपने आप को सच साबित करने के लिए एडवोकेट किस हद तकाजा सकते है इस बात पर यह वेबसीरीज़ आधारित है।

नेहा शर्मा निहारिका का किरदार निभा रही है, जिसको में काफी पसंद करती हूं। निहारिका को सच बोलने की बीमारी है। मुजे भी सच बोलने की बीमारी है, कभी कभी यही बीमारी हमको मुश्केलि मैडल देती है। कहते है न ज्यादा सीधा और अच्छा होना भी बुरी बात है,लोग आपको मूर्ख समझने लगते है या तो आपकी भलमनसाई का फ़ायदा उठते है। सच के ये वो कुछ भी कर सकती है इसीलिए उसे मडलॉयर कहते है!

कहते है कि अतीत को आप चाहे कितना भी भूलने की कोशिश करो पर वो आपको कभी नही भूलने देता। निहारिका का अतीत उसे  डरपोक बनाता है।पर उसकी माँ उसको सपोर्ट करती है। उसके पापा के एक्स्ट्रा मेरिटल अफेयर ने उस पर काफी बुरा असर किया था।

उसकी रूम मेट और फ्रंड काफी अच्छी है जो हर बार उसको सपोर्ट भी करती है, आफ्टर ऑल वो खुद भी एक साइकियाट्रिस्ट है। बेस्ट फ्रेंड हो तो ऐसी!!

निहारिका का एक बॉय फ्रेंडभी था जो अब उसके बॉस का बेटा है। लक बाय चांस वो फिर से मिलते है। वो जल्दी से किसी पर भी विश्वास नही करती।

अतीत की कुछ बाते हमारे ज़ेहन और दिमाग पर काफी असर करती है कभी कभी तो जिंदगी भर कुछ बाते हमे परेशान करती रहती है। अक्षय, निहारिका का एक्स बॉयफ्रेंड के साथ बचपन में एक हादसा हो गया था, उसकी वजह से उसके बेस्ट फ्रंड की मौत हो गयी थी, और उस हादसे की वजह से ज़िन्दगी में वो कमिटमेन्ट करने से डरता है।

पुनीत टंडन जो केरेक्टर मुजे काफी कुछ पसंद आया वो भी अपने  अतीत से व्याकुल है। उसकी एक मिस्टेक से अबीर नाम के लड़के की मौत हो गयी थी। जबकि उसके ये जिम्मेदार निहारिका का बॉस था। वो मृत अबीर को अपनके आस पास महसूस कर सकता है। इस वेब्सिरिज़ मे पुनीत टंडन एक बहुत ही स्ट्रोंग केरेक्टर है।

जब बात मानवता की आती है तो पुनीत और निहारिका इस वेब सीरीज़ के काफी अच्छे किरदार है। आजकल अच्छे लोग काफी कम देखने को मिलते है। लोग अच्छाई का सिर्फ नकाब पहनते है बाकी अंदर से बुरे विचार से भरे पडे है। हाथी के दंतदिखाने के और और खाने के और।

एक दृश्य मुजे काफी टच कर गया। जब निहारिका पे लोग शाही फेंकते है तब उसके साथीदार या कोई भी उसके पास नही था ,पर उसका विरोधी पुनीत उसके पास आया और उसने निहारिका को सबसे बचाया। इंसानियत इसे ही कहते है। लास्ट एपिसोड में पुनीत उसको निहारिका केनाम का विजिटिंग कार्ड गिफ्ट के तौर पर देता है जिससे निहारिका काफी इम्प्रेस होती है।

इस वेब्सिरिज़ किदारक साइड या यूं कहिये की समाज की डार्क साइड यह है कि जब एक केस में महेर सलाम अपने पूरे फैमिली को मार डालती है। पर निहारिका उसमे  छिपे अच्छी व्यक्ति को बाहर लाती है। महेर मौत का 10साल  से इंतजार करती है पर मौत जैसी बात पर भी पुलिस वाले उसका मजाक बनाते है। निहारिका उससेअपने बेटे के लिए जीने को कहती है तब उसका जवाब बहुत ही अच्छा और दिल को छू लेने वाला था उसने कहा क्या ये समाज उसको चैन से जीने देगा?  लोग उसके बेटे को कातिल का बेटा बुलाये उससे अच्छा है कि वो अनाथ हो जाये,  लोग उसके साथ काफी गलत व्यवहार करेंगे और सही भी है हैम सभी लोग जिस साज में रेट है वो लोग जल्दी से एक दूसरे को निजी बातो पर कमेंट करते है, हमारे समाज मे लोगो को दूसरों की भूल पर उँगलि उठाना अच्छा लगता है। दुसरो के जख्म को हरा रखने में लोगो को सुकून मिलता है।

काफी सारी डार्क साइड देखने को मिलती है। रिश्तो की कड़वी सच्चाई, लोगो का एक दूसरे पर अविश्वास, सक्सेस पाने के लिए कोईभी हद पार करना, अपन नाम और सोहरत पाने के लिए अपनी पत्नी का खून करना जैसे अन गिनतकडवे सच से रूबरू करवाती है। अगर आप  भी सेंसिटिव है तो इस वेब सीरीज़ को देखते वक्त अगर ये मेरा आर्टीकल पठाहोगा तो ज़रूर मुजे याद करेंगे।

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